Monday, 11 March 2024

कौन सी कविता लिखूँ

कौन सी कविता लिखूँ

वही जो तुम्हारे मिलने के ठीक पहले लिख रहा था
या वो जो तुम्हारे आ जाने के बाद लिखना भूल गया था


उसका क्या करू जिसे बस
लिखते - लिखते छोड़ दिया था

और वो जो मन में आई तो थी
पर जब कलम ले कर बैठा तब तक विलुप्त हो गयी थी

और वो वाली जो रात को दस्तक देने आई थी
लेकिन जबतक उसे सुन पाता
, वो जा चुकी थी

एक कविता ऐसी भी थी जो सुबह-सुबह सपने की तरह दिखी
पर आँख खुलते तक भूल गयी

याद हैं उसे कितनी देर तक याद किया था

इन सब अधूरी कविताओ को कभी पूरा नहीं किया
लेकिन तुम्हारे आने के बाद इनकी कभी ज़रूरत ही नहीं पड़ी

काफी कमाल के व्यक्ति हो

जब तक जीवन में कुछ पा नहीं लेते ताने और गाली दोनों को अपना लेते हो हर ताने का जवाब नहीं देना आता तुमको मुस्कान की छाया में सबकुछ छुपा लेत...